अदाणी का बंगाल में 1 लाख करोड़ का दांव ममता नहीं सुवेन्दु दा को बताया राज्य का कप्तान कर्मभूमि बनाने का ऐलान स्पेशल

पॉलिटिकल-बिजनेस
कुड़ेकेला :- कोलकाता पश्चिम बंगाल के राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में 24 सितंबर की तारीख एक ऐसा भूचाल लेकर आई है जिसकी धमक आने वाले कई सालों तक सुनाई देगी। कोलकाता की पावन धरती पर भारत के उद्योगपति गौतम अदाणी ने न सिर्फ बंगाल में 1 लाख करोड़ रुपये के विशालकाय निवेश का ऐलान करके माटीनसे अपना नाता जोड़ा बल्कि जो राजनीतिक पासा फेंका है उसने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है।
कालीघाट मंदिर में माँ काली के दर्शन कर आशीर्वाद लेकर सीधे मंच पर पहुंचे गौतम अदाणी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को सच्चा भूमिपुत्र करार देते हुए उन्हें बंगाल के नए युग का नायक बता दिया।
दीदी के दौर के बाद सुवेंदु पर दांव:- अदाणी के इस संबोधन के बाद राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा उनके भाषण के राजनीतिक सुरों की हो रही है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी के बजाय अदाणी ने अपने पूरे संबोधन में बीजेपी नेता और मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ की।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जी आपकी कहानी एक सच्चे भूमिपुत्र की कहानी है। एक ऐसे बेटे की जिससे इस राज्य के लोगों को नौकरियों इंफ्रास्ट्रक्चर और नए अवसरों की बहुत उम्मीदें हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि आपके नेतृत्व में बंगाल नई दिशा तय करेगा।
गौतम अदाणी कोलकाता में
अदाणी का सुवेंदु अधिकारी को इस तरह बंगाल का भविष्य और प्रगति का संवाहक बताना राज्य के सियासी समीकरणों में बड़े बदलाव की ओर साफ इशारा कर रहा है।
अदाणी आरोग्य मंदिर 4,000 करोड़ से बनेगा 2,000 बेड का महाअस्पताल
निवेश की पहली बड़ी किश्त स्वास्थ्य क्षेत्र में अदाणी आरोग्य मंदिर के रूप में सामने आई है। गौतम अदाणी ने ऐलान किया कि वे कोलकाता में एक विश्वस्तरीय गैर लाभकारी मेडिकल संस्था बनाएंगे कुल निवेश 4,000 करोड़ से अधिक।
बेड क्षमता 2,000 बेड जिसमें से 1,000 बेड पूरी तरह मुफ्त रियायती होंगे जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के लिए आरक्षित रहेंगे
इस प्रोजेक्ट से स्वास्थ्य क्षेत्र में 10,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी।
आधुनिक मेडिकल कॉलेज रिसर्च सेंटर और अत्याधुनिक इलाज।
2035 का मेगा प्लान: 1 लाख करोड़ का निवेश और दूसरी कर्मभूमि
गौतम अदाणी ने साफ किया कि पश्चिम भारत में गुजरात का मुंद्रा पोर्ट जिस तरह उनकी पहली कर्मभूमि बना उसी तरह मां काली के आशीर्वाद से बंगाल अब पूर्वी भारत में अदाणी समूह की दूसरी कर्मभूमि बनने जा रहा है।
वर्ष 2035 तक अदाणी समूह बंगाल में 1,00,000 करोड़ रुपये 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश करेगा।क्षेत्रयोजनाएं व इंफ्रास्ट्रक्चर
पोर्ट्स व लॉजिस्टिक्सबंगाल को दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा ट्रेड हब बनाना।
ऊर्जा व डिस्ट्रीब्यूशनबिजली उत्पादन ट्रांसमिशन और ग्रीन सीमेंट का विस्तार।
डिजिटल इंफ्राविशालकाय हाइपरस्केल डेटा सेंटर का निर्माण।
राइटर्स बिल्डिंग का कायाकल्प और दुर्गा पूजा का डंका
अदाणी ने सिर्फ पत्थरों और सीमेंट के कारखानों की बात नहीं की बल्कि बंगाल की अस्मिता को भी छुआ। उन्होंने ऐलान किया कि अदाणी समूह बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए तीन बड़े काम करेगा:
ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग का जीर्णोद्धार।
कुमारटुली घाट का कायाकल्प कोलकाता की विश्वप्रसिद्ध दुर्गा पूजा की कला और संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रमोट करना।
संबोधन का धमाकेदार अंत वंदे मातरम् के नारों से गूंजा मंच:-संबोधन के अंत में गौतम अदाणी ने जब टैगोर स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती को नमन करते हुए अपनी पंक्तियां पढ़ीं तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा
जिस माटी ने वंदे मातरम् से सोए भारत का स्वाभिमान जगाया,
जिसने विवेकानंद नेताजी और टैगोर का अमर तेज चमकाया उसी पावन धरती को अब अपनी ताकत का जलवा फिर दोहराना है
ज्ञान कला और क्रांति की शक्ति से भारत का भविष्य सजाना है।
अदाणी ने बंगाल के विकास का जो ताना बाना बुना है उसने जहां एक तरफ लाखों युवाओं के लिए रोजगार की उम्मीद जगाई है वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अदाणी-सुवेंदु अध्याय की धमाकेदार शुरुआत कर दी है।

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